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मेरे हिस्से का आसमान
आज मन बहुत भारी है। कुछ अफ़सोस हैं जो मन के भीतर लगातार शोर कर रहे हैं और उसी शोर के बीच एक सवाल बार-बार उठ रहा है “क्या सचमुच मैं जहाँ हूँ, मुझे यहीं होना चाहिए था?” कभी-कभी मैं सोचती हूँ कि क्या वास्तव में ज़िन्दगी में वही लोग आगे बढ़ते हैं जो सबसे…
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हम थक सकते हैं, लेकिन हार नहीं सकते…
ज़िंदगी का सबसे कठिन समय वह नहीं होता, जब हमारे सामने समस्याएँ खड़ी होती हैं। सबसे कठिन समय वह होता है, जब समस्याएँ हमारे मन के भीतर घर बना लेती हैं। जब हमें हर रास्ता बंद दिखाई देने लगता है, हर कोशिश बेकार लगने लगती है और भविष्य धुँधला-सा नज़र आने लगता है। ऐसे क्षण…
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Self-Acceptance की ओर: Vitiligo के साथ मेरा सफ़र…
“जो दिया ज़िन्दगी ने हमें, कबूल किया हमने सभीरंग ही तो बदला है थोड़ा, दिल है मगर अब भी वही।” कभी-कभी ज़िन्दगी हमारे सामने ऐसी परिस्थितियाँ खड़ी कर देती है, शायद जिन्हें बदलना हमारे हाथ में नहीं होता। लेकिन उन्हें स्वीकार करके, उनके साथ आत्मविश्वास से जीना, हमारी असली ताकत बन जाता है। Vitiligo सिर्फ…