
तुलिका श्रीवास्तव “मनु”
बातें दिल की……
मेरा जन्म स्थान “रामपुर (उत्तर प्रदेश) है। आजकल मैं हैदराबाद में हूँ। गणित में स्नातकोत्तर होने के बावजूद हिंदी के प्रति मेरा एक अलग ही रुझान है। मेरे पिता जी एक बेहतरीन साहित्यकार थे। थोड़ा बहुत जो लिख पाती हूँ वह शायद मुझे विरासत में मिला है। मेरी माता जी भी कभी गीत, कभी कहानियाँ लिखकर हिंदी साहित्य में अपना योगदान देती रहती हैं। लेखन के अलावा मेरी आर्ट और क्राफ्ट्स में विशेष रुचि है। इसी शौक के चलते मैं बहुत सी कलाकृतियाँ बनाती रहती हूँ। कुछ भी लिखती या बनाती हूँ तो एक असीमित सुख की प्राप्ति होती है। संगीत भी मेरे दिल के बेहद क़रीब है।
- ब्लॉग लेखन
- कविता लेखन
- हस्तकला
- चित्रकला
- ग्राफ़िक डिजाइनिंग
